बोतल में सल्फास घोलकर पी रहा था शख्स, लोगों ने बचाई जा

मध्यप्रदेश

आर्थिक समस्या से चिंतित एक शख्स ने बोतल में सल्फास घोल ली। वह पीने वाला था कि कुछ व्यक्तियों ने बचाया तथा बोतल छीन ली। रोते हुए बोला कि यहां बचा लोगे तो ट्रेन के सामने कूद जाउंगा। मैं बहुत परेशान हो गया हूं। मेरी कहीं सुनवाई नहीं हो रही।दरअसल इस व्यक्ति का नाम है संतोष सोनी (45) जो देवास के इटावा में रहता है। आर्थिक सहायता के लिए संतोष शासन-प्रशासन से गुहार लगाकर थक गया मगर सुनवाई नहीं हो रही। इसके चलते वह इतना दुखी हो गया कि जीवन समाप्त करने की सोची। वह जिलाधिकारी दफ्तर के सामने पहुंचा तथा प्लास्टिक की बोतल में सल्फास घोल ली तथा पीने जा रहा था।

 

वही कुछ व्यक्तियों ने देखा तो पुलिस को बताया। पुलिस जवान तथा लोगों ने उससे बोतल छीन ली। इस पर संतोष ने बताया कि यहां बचा लोगे तो ट्रेन के सामने कूद जाउंगा। तत्पश्चात, उसे जिला हॉस्पिटल ले जाया गया। संतोष ने कहा कि वह आर्थिक तौर पर बहुत परेशान है तथा बीते कुछ दिनों से अपने परिवार का भरण पोषण नहीं कर पा रहा है। मैं सीएम शिवराज सिंह चौहान के पास भोपाल गया था। वहां से मुझे एक लिफाफा दिया तथा बोला कि इसे कलेक्टर को दे देना। मैंने लिफाफा जिलाधिकारी को दिया तो मुझे हाथ से चलने वाली साइकिल दे दी। अब मेरा एक हाथ तो खराब है ऐसे में साइकिल कैसे चलाउंगा। ऐसे आश्वासन क्यों देते हैं जो पूरे नहीं कर पाते। मेरी मांग पूरी नहीं की जा रही इसलिए मैं सल्फास खाकर मरना चाहता हूं। आए दिन ही तिल-तिल मर रहा हूं, इससे अच्छा है कि एक बार में मर जाउं। 

 

 

 

आपको बता दें कि संतोष सोनी बीते महीने एबी रोड पर धरने पर बैठे थे। उन्होंने एक पोस्टर रखा था जिसमें लिखा था कि मुझे किडनी बेचने की अनुमति दी जाए। सीएम से किडनी बेचने की अनुमति मांग रहा था। संतोष ने कहा था कि पहले मैं राशन दुकान की गाड़ी चलाता था जिससे घर चलता था। लगभग 8 महीने पहले बीमार हुआ तथा जिस डॉक्टर से उपचार करवाया उसकी वजह से लकवाग्रस्त हो गया। मैं चाहता हूं कि जिस डॉक्टर के कारण ये स्थिति हुई है, उसको सजा मिले। मुझे छत का इंतजाम हो जाए तो राहत प्राप्त होगी। इसलिए मैं किडनी बेचना चाहता हूं, क्योंकि इससे जो रुपये मिलेंगे उससे छत का इंतजाम हो जाएगा तथा बच्चों के विद्यालय की फीस भर दूंगा। सरकार की किसी स्कीम का फायदा भी मुझे नहीं प्राप्त हुआ है।

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